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11, March

त्रिपुरा कांग्रेस चीफ से मिलने पहुंची रिश्‍तेदार वसुंधरा राजे, बीजेपी सरकार ने भी दे दिया ‘तोहफा’

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त्रिपुरा में बीजेपी की सरकार बनने के बाद बेटे दुष्यंत के साथ वसुंधरा भतीजे प्रद्युत से मिलने उज्जयंत पैलेस पहुंची। उधर, बिप्लब देव सरकार ने त्रिपुरा कांग्रेस अध्यक्ष को तोहफा भी दिया। अगरतला एयरपोर्ट का नामकरण उनके दादा बीर बिक्रम सिह के नाम किया। त्रिपुरा कांग्रेस के कार्यकारी अध्यक्ष प्रद्युत किशोर माणिक्य राजघराने से ताल्लुक रखते हैं। उनके दादा बीर बिक्रम सिंह माणिक्य त्रिपुरा के राजा रह चुके हैं। राजघराने का शानदार महल अगरतला में स्थित है, जिसे उज्जयंत पैलेस के नाम से जाना जाता है। राजस्थान की मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे प्रद्युत किशोर की रिश्ते में चाची लगतीं हैं। त्रिपुरा में बीजेपी की सरकार बनने के बाद बेटे दुष्यंत के साथ वसुंधरा भतीजे प्रद्युत से मिलने उज्जयंत पैलेस पहुंची। उधर, बिप्लब देव सरकार ने त्रिपुरा कांग्रेस अध्यक्ष को तोहफा भी दिया। अगरतला एयरपोर्ट का नामकरण उनके दादा बीर बिक्रम सिह के नाम किया। सरकार बनने के बाद शनिवार को हुई पहली कैबिनेट की मीटिंग में मुख्यमंत्री बिप्लब देब ने यह फैसला किया। जिस पर त्रिपुरा कांग्रेस के अध्यत्र प्रद्युत किशोर ने इस फैसले की सराहना की। वहीं सियासी गलियारे में कांग्रेस और बीजेपी के बीच राजनीतिक प्रतिद्वंदिता के बावजूद हुए इस फैसले को सुखद खबर के रूप में देखा जा रहा है। चाची वसुंधरा राजे के अपने महल आने पर खुश हुए प्रद्युत किशोर ने फेसबुक पर सभी के साथ तस्वीरें शेयर कीं। उन्होंने फेसबुक पर लिखा- मेरी चाची और चचेरे भाई दुष्यंत सिंह का उजयंता पैलेस अगरतका का निजी दौरा। राजनीतिक विचारधारा की लड़ाई अपनी जगह है, मगर पारिवारिक संबंध अपनी जगह। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, प्रद्युत किशोर त्रिपुरा में बीजेपी की तुलना में वामपंथियों से अधिक परेशानी महसूस करते हैं। उनका कहना है कि सीपीआई( एम) ने त्रिपुरा की भावनाओं का अपमान किया। पार्टी का नुकसान उनके नेताओं के गलत शासन के कारण हुआ।माणिक्य ने कहा-कम्युनिस्टों न केवल जनहितों से खिलवाड़ किया, बल्कि शाही परिवार की मूल प्रतिष्ठा और सम्मान नहीं दिया। उन्होंने त्रिपुरा के आदिवासी राजाओ और उनके समाज के भले के लिए किए गए योगदान के खिलाफ दुर्भावनापूर्ण प्रचार किया। उन्होंने कहा कि वह खुश हैं कि आखिर में महाराजा बीर विक्रम के कार्य को पहचान मिली। बता दें कि यह महाराजा बीर बिक्रम किशोर थे, जिन्होंने त्रिपुरा में पहला एयरपोर्ट बनवाया। वह 1949 से पहले तक त्रिपुरा के राजा थे। उन्हें त्रिपुरा में आधुनिक वास्तुकला का पिता माना जाता है। मौजूदा राज्य की संपूर्ण योजना उनके शासन में शुरू की गई थी। उन्होंने भूमि सुधार भी किए। माणिक्य ने कहा- दादा के नाम पर एयरपोर्ट का नामकरण बीजेपी और कांग्रेस दोनों के मेनिफेस्टो में था, मुख्यमंत्री बिप्लब देव ने वादा पूरा कर दिखाया। माणिक्य को अब त्रिपुरा में कांग्रेस पार्टी को पुनर्जीवित करने की आसानी है।त्रिपुरा कांग्रेस के अध्यक्ष ने कहा कि आज हम उस स्थान पर खुद को पा रहे हैं, जहां बीजेपी 2013 में थी, जब उनके पास सिर्फ 1.3 प्रतिशत वोट शेयर थे।

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