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04, March

#मेरीकलम ~~~... राहुल पांडेय की कलम से

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अभी तक मेने अपना #मेरीकलम का लेख ज़िसका में कई दिन से ज़िक्र कर रहा था की भईया वो कमिंग सून है जल्द आ रहा है तो वो लेख अभी तक मेने पोस्ट भी नहीं किया था सोचा था यार होली के बाद पोस्ट करेंगे लेकिन कुछ लोग अपनी गंदी हरकतो के कारन मुझे चेंन से बेठने नहीं देते और फिर ये सब हरकते देख के मुझसे कुछ लिखे बिना रहा नहीं जाता यह मेरा पहला एसा लेख है जिसे मुझे असमय और मजबूरी में लिखना पड़ रहा है ,अब में जो लिखने जा रहां हूँ वो शायद कुछ लोगो को भद्धा लगे अब लगे तो लगता रहे फिर वैसे सोचा मेने भी नहीं था की एक दिन एसा भी आयेगा जब मुझे एसे शब्द भी इस तरह लिखने पडेंगे ~ #मेरीकलम वीर्य की होली? ============== होली आ गई है और होली के नाम पर दिल्ली में होने वाला छिछोरापन भी शुरु हो गया है। लेडी श्रीराम कॉलेज की छात्राओं ने सोशल मीडिया पोस्टों के ज़रिए बताया कि कुछ लड़कों ने उन पर वीर्य घुले पानी के गुब्बारे फेंके। मैंने होली के नाम पर बहुत कुछ होते सुना है (जैसे कि कॉन्डोम में पानी भर कर गुब्बारे की तरह लड़कियों पर मारना) लेकिन लड़कियों पर वीर्य भरे गुब्बारे फेंकना एक नया ही अधोबिंदु है। ये घटना इस बात की ओर भी इशारा करती है कि क्यों दिल्ली देश की "रेप कैपिटल" कहलाती है। दिल्ली और इसके आस-पास का जो कल्चर मैंने देखा है उसमें बहुत-से लड़के इतने वेल्ले देखे हैं कि उन्हें लगता है कोई काम न करना is a badge of honor... इतने भ्रमित देखें हैं कि उन्हें लगता है कि दुनिया की सारी लड़कियाँ उन्हीं के "रूप और जवानी" की दीवानी हैं... और इतने पैसे वाले देखे हैं कि उनका ये वेल्लापन और भ्रम कहीं आड़े नहीं आता !!! . . एक लोकप्रिय भोजपुरी गीत के बोल हैं, "खेलेंगे होली गोरी तोहरे संग आज कॉन्डोम लगा के"....... अब इस पर क्या बोलें? :( अश्लील गीत बनाना चाह रहे हो कम से कम लॉजिक का तो खयाल रखो?!... . . वैसे तो गुब्बारे में भरे उस वीर्य को वीर्य कहने में मुझे हिचक होती है -- क्योंकि वीर्य का एक अर्थ बल भी होता है। लेकिन ये छिछोरे लड़के किसी भी तरह से बलशाली नहीं हैं। आज जो लड़कियों के वस्त्रों पर अपना वीर्य फ़ेंक कर ख़ुश हो रहे हैं -- कल वे इससे भी आगे बढ़ेंगे... ज़रूर बढ़ेंगे क्योंकि उनमें सही/ग़लत के बारे में बताने वाली ग्रंथि गल चुकी है। वे केवल "दोस्तों" के सामने दिखावे की खातिर बलात्कार भी कर सकते हैं। . . "बुरा ना मानो होली है" की आड़ में सब बुरे, अशालीन और ग़लत काम नहीं छुप सकते... वीर्य वाले गुब्बारे फेंके जाने पर लड़कियाँ तो क्या कोई भी सभ्य व्यक्ति गुस्सा होगा... . . ये आखिर कितनी बार बोलना पड़ेगा कि हर किसी का शरीर, मन और निजता उसकी अपनी होती है। किसी भी लड़की के चारों ओर निजता का एक क्षेत्र होता है जिसे उसकी सहमति के बिना मनसा, वाचा, कर्मणा या दृष्टि के ज़रिए भी उल्लंघित नहीं किया जाना चाहिए। . . लड़कियों... अगर कोई भी तुम्हारे साथ होली के नाम पर बदतमीज़ी करे तो उसे खींच कर एक तमाचा रसीद करो... . . और लड़कों... ऐसी स्थिति में उस लड़की का संबल बनो... उस व्यक्ति को पकड़ने और पुलिस के हवाले करने में मदद करो... . . कहीं पढ़ा था कि लड़कों की नज़र ऐसी होनी चाहिए कि लड़की उसे देखकर बाल अपने ठीक करे ... ना कि अपना दुपट्टा ठीक करे... . . लड़कों... टुच्चापन छोड़ो... ऐसे काम करो कि लोग तुम्हें चाहें... ऐसे नहीं कि लोग तुमसे नफ़रत करें...

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